battle skulls 4

religion crushed god arise sweat bowls wishes mechanized     tremble wolves butcher suicides flowers wept kept night     only taught never uttered musings lost always earth    

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ज़हरजाल

फ़नकार नए के लिए पुराना जहाँ नेता सबसे पुराना वैद्यो और गुरुओं का वहाँ ठिकाना जाम का प्याला अगर गिर जाए तो हुज़ूर ग़म ना करना जाम के छलकने पर बस शराबी ही रोता शराब तो जमाना है पीता पर हर कोई शराबी नहीं होता || जो सब जानता है वो सब सुनता है जो [...]

नाशगढ़

अगर कोई मारे उसे मारना कर्म मारने वाले से बदला दुष्कर्म सही के लिए गलत करना धर्म गलत के लिए सही करना अधर्म वो मांगे दे न भीख बिन मांगे मोती दे देता हर कोई राम नहीं हर कोई रावण नहीं कहीं तलाक़ बरी कहीं जौहर विधवा मांसाहार जहाँ मज़े के लिए होता वो चिड़ियाघर [...]

R.I.P SHASHI KAPOOR

"सच ही कहा है पंछी इनको, रात को ठहरें तो उड़ जाएं, दिन को आज यहाँ कल वहाँ है ठिकाना |   बागों में जब-जब फूल खिलेंगे, तब-तब ये हरजाई मिलेंगे, गुज़रेगा कैसे पतझड़ का ज़माना|   परदेसियों से ना अँखियाँ मिलाना, परदेसियों को है इक दिन जाना |"

विश्वविष

गलतफहमी से शुरू हुई जो वो कहानी न थी धोखे से ख़त्म हुए जो वो रिश्ते न थे तुम्हारी तरह प्यार आज़माया था मैंने भी फर्क इतना रहा की किसी को बताया नहीं कभी हमें बेवफा कहके चले जाने वाले क्यों  फिर  बेवफा बन गए तुम भी      अंतिम अभय

प्रीतप्रथा

पागलपन की सीमाओं पे चलती वो हवाओं का ठिकाना ढूंढ़ती रहती , चाहा न था उसने कभी उसे छोड़ जाना पर दर्द का क़र्ज़ तो था चुकाना , कह गयी बेवफा कह कर बदनाम कर देना हमारी अधूरी कहानी याद मत करना , अगर खरा है प्यार का रिश्ता तो जीतेजी फिर कभी मुझे आवाज़ [...]

Ancient Zay

When Zay died, his whole life from birth to death started repeating again. Only difference was this time he found himself witnessing his whole life trapped inside his own mind and body over which he had no control. He felt no physical senses only emotions. Eventually his death time arrived again and this time time [...]

चरमवेद  

ध्वनि  की  दीवार  टूटेगी  और  शांति  के द्वार  जब  खुलेंगे, जीवन  के  सारे  भेद  स्पष्ट  हो  जावेंगे जलाशयों  में प्यासे  रह  ईंटो  की  किताब लिखोगे   || तब  फिर  अपनी  हर  बेकार  वस्तु  का  कारण  सामने  पाओगे ||   रावण  जब  अपनी  लिखी  रामायण  का  राम  बना, तब  उसने  माना  महाभारत  के  गणेश कोई  और  नहीं  [...]